Tuesday, November 7, 2017

कैसे करें बिना एंटीवायरस के अपने कंप्यूटर का वायरस क्लीन




कैसे करें बिना एंटीवायरस के अपने कंप्यूटर का वायरस क्लीन

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताएंगे की अगर आपके कंप्यूटर में वायरस फैल गया है और आपने अपने कंप्यूटर में कोई एंटीवायरस इनस्टॉल नहीं किया हुआ और तो बिना एंटी वायरस के वायरस को कैसे पहचाने और उसको बिना एंटीवायरस की मदद के कैसे रिमूव करें.
आगे की images में हम आपको step by step बताएंगे की कैसे आप वायरस को रिमूव कर सकते हैं
सबसे पहले आपको windows के taskbar पर right click करना है .
see images

  1. उसके बाद आपको startTask Manager का option आएगा आपको उसपर क्लिक करना है जैसे की इमेज में दिखाया गया है 

जब आप startTask Manager पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने कुछ इस तरह से option खुलेगा .

आपके सामनेTask Manager खुल चूका है आप देख रहे होंगे की इस option के अंदर बहुत सारी files के आगे process चल रही है .इन सभी फाइल के आगे user name के कालम के अंदर कुछ files के सामने system,locel services,network services लिखा होगा .ये सभी files विंडोज की hidden file process है जो हमेशा चलती रहती है ये सब विंडोज को ऑपरेट करने  मैं मदद करती है.लेकिन आपको कुछ फाइल्स के आगे user (administrator) लिखा हुआ मिलेगा ये वो process है जो आपके द्वारा विंडोज में ऑपरेट होती है जैसे की आपने google chrome का सॉफ्टवेयर play  किया तोTask Manager में chrome.exe नाम की फाइल की process शो होगी
importent :- जरूरी नहीं की आपके विंडोज में भी file process के आगे username  के कालम में user (administartor) ही लिखा हो उसकी जगहे पर आपका विंडोज username जो भी अपने अपनी विंडोज में डाल रखा होगा वो आएगा जैसे :- administrator ,om,user 1,ram,johan etc आ सकता है.
अब आपको क्या करना है:- सबसे पहले आपकोTask Manager में उन फाइल को देखना है जिनके आगे username के कालम में user (administartor) लिखा है या आपके कंप्यूटर का विंडोस username (administartor) लिखा हुआ है जैसे की इमेज मैं दिखाया गया है
सबसे पहले आपको क्या करना है  जिनके आगे user लिखा हुआ है उन फाइल के ऊपर right click करना है जिसके आगे end process tree का  option लिखा होगा जैसे की इमेज में दिखाया गया है 

आपको एक एक करके सभी फाइल्स end process tree करना है जैसे की इमेज में दिखाया गया है 


  1. important :- आपको केवल इस बात का ध्यान रखना है की आप उसी फाइल को end process करें जिसके username के कालम में user (administrator) लिखा हो आपको और किसी भी दूसरी फाइल को end process नहीं करना है जिसके आगे  system,locel services,network servicesलिखा हो .
 important :- आपको एक बात का और ध्यान देना है की windows में  कुछ फाइल्स ही ऐसी होती है जो windows operated होती है और उनके username के कालम में user (administrator)लिखा होता है जैसे की इमेज मैं दिखाया गया है

इनके अंदर explorer.exe,dwm.exe,taskhost.exe,taskmgr.exe ये फाइल्स windows operated फाइल्स होती है आपको इन फाइल्स को end process नहीं करना है 
वायरस को कैसे पहचाने :-ऊपर दी गयी सारी इमेजेस में आपको समज आ गयी  होगी की जिस फाइल के username के कालम के आगे अगर user (administrator) लिखा हो तो वो process हमारे द्वारा चलाये गए किसी सॉफ्टवेयर की process है.इसके आलावा windows द्वारा activated process के बारे में भी आपको समज आ गया होगा अगर इसके आलावा भी कोई ऐसी process है जो न विंडोज की है न आपके द्वारा चलाई गयी किसी सॉफ्टवेयर  की process और उसके आगे भी username के कालम है user (administrator) लिखा हुआ है तो वो किसी वायरस की process हो सकती है देखे अगली इमेज में 


इस इमेज में आप देख रहे होंगे की बहुत सारी फाइल्स है जिनके आगे user (administrator) लिखा हुआ है जैसे की dcim.exe,new folder.exe,image.exe,svchost .exe, मैं आपको बता दू की ये कुछ फाइल्स के नाम है जो वायरस के नाम से और विंडोज के फाइल्स के नाम से मिलते जुलते हैं जैसे विंडोज की एक फाइल का नाम svchost.exe होता है लेकिन बिलकुल इसी नाम का एक वायरस भी होता है लेकिन इनमे सिर्फ एक फर्क होता है विंडोज और वायरस के इन एक जैसी फाइल के नाम में सिर्फ एक डॉट का फर्क होता है (windows फाइल- svchost.exe) (virus file -svchost .exe) तो जब आप task manager में फाइल को end process करेंगे तो इस बात का खास ध्यान रखना  
वायरस को कैसे डिलीट करें :- वायरस को डिलीट करना बहुत आसान है आपको सबसे पहले क्या करना है अबसे पहले जिस फाइल पर आपको शक है की ये फाइल न तो विंडोज की है और न ही आपके द्वारा चलाये गए किसी सॉफ्टवेयर की है आपको task manager में उस फाइल के ऊपर right click करना है और आपके सामने open file location का option आएगा जैसे की इमेज में दिखाया गया है
 .आपको open file location के ऊपर click करना है .click करने के बाद आपके सामने उस फाइल का located folder खुल जायेगा जिससे आपको पता चल जायेगा की ये वायरस है या आपके किसी सॉफ्टवेयर की फाइल process कर रही है जैसे की इमेज में दिखाया गया है



वैसे ज्यादातर वायरस की location (C:\Users\user\AppData\Roaming )इस folderसे एक्टिव होती है लेकिन कुछ वायरस pendrive से भी या किसी अन्य drive ( c drive ,local drives etc) से भी एक्टिव हो सकते है 
अगर वायरस डिलीट न हो तो :- ज्यादातर जब हम वायरस को ढूंढ लेते है तो हम उसको डिलीट करने की कोशिश करते है लेकिन वह file in use in another process का error देते है और डिलीट नहीं होती .यहां पर आपको एक बात का ध्यान जरूर रखना है की फाइल को डिलीट करने से पहले आप task manager में से उस फाइल को end process जरूर करले जब आप उस फाइल की process को बंद करेंगे तो वो फाइल जरूर डिलीट हो जाएगी और इस तरह आप बिना एंटीवायरस की मदद के भी वायरस को निकल सकते है अगर आप  को अभी भी किसी फंशन के बारे में समज नहीं आयी तो ये वीडियो मेने खास अपने रीडर्स के लिए बनाई है आप इसको जरूर देखे  like और shere भी करे 
अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया हो तो कृपया दोस्तों इस आर्टिकल को लाइक और ज्यादा से ज्यादा  शेयर जरूर करे और हाँ कमेंट करना न भूलें 
निचे दिए गए वीडियो लिंक पर क्लिक करके आप वीडियो को भी देख सकते है 

अगर आपके शरीर में है ये लक्षण तो हो जाये सावधान, तुरंत लें डाक्टर की सलाह हो सकती है प्रॉब्लम

अगर आपके शरीर में है ये लक्षण तो हो जाये सावधान, तुरंत लें डाक्टर की सलाह हो सकती है प्रॉब्लम

नमस्कार दोस्तों आज मैं आपको शरीर के कुछ ऐसे लक्षणों के बारे मैं बताने जा रहा हु जिनके बारे में अगर आपने समय से पता न लगाया तो आपको एलर्जी,अस्थमा,चार्म रोग जैसी कई गंभीर बीमारिया हो सकती है | जिसके कारण आप खुद तो बीमारी से ग्रस्त होंगे ही लेकिन आपके परिवार के सदस्यों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है |
दोस्तों ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर बढ़ने के कारण हमारा वातावरण बहुत ज्यादा प्रदूषित हो गया है जिसके कारण हमारे खाने पीने की सब चीजे दूषित हो गयी है और खेती भी इससे अछूती नहीं रही है | इन सब कारणो की वजह से हमारे शरीर मैं कई तरह के विकार पैदा हो गए है आज हम आपको इन्ही विकारो और लक्षणों के बारे में बतायेगे और इनको दुरुस्त कैसे करना है उसके बारे भी बताएंगे |
 एलर्जी :-प्रत्येक मनुष्य में चाहे वो स्त्री हो या पुरुष सबके अंदर बाहरी तत्वों से लड़ने की ,उन्हे सहन करने की क्षमता  होती है लेकिन बड रहे प्रदूषण के कारण बाहरी विषैले तत्वों की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गयी है |
प्रदूषण बढ़ने के कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत काम हो चुकी है जिसकी वजह से जब हमारा शरीर किसी बहरी विषैले तत्व की संपर्क में आता है तब हमारे शरीर के आंतरिक तत्व उन बाहरी तत्वों को शरीर के अंदर आने से रोकते हैं | इस प्रक्रिया के कारण हमे अपने शरीर मैं तेज खुजली होना ,छींके आना ,शरीर में  लाल  धब्बे पड़ना  आदी कई प्रकार की दिक्क़ते आनी शुरू हो जाती है |
एलर्जी  के लक्षण:-शरीर मैं कुछ ऐसे लक्षणों से पता लगाया जा सकता है कि हमे एलर्जी है के नहीं जैसे शरीर पर खुजली होना और उसके बाद चमड़ी का लाल होना ,चमड़ी पर लाल दाने होना | एलर्जी के कारण व्यक्ति को 'एग्जिमा ' नाम कि बिमारी भी हो सकती है जिसके कारण असहनीय खिजली होती है और चमड़ी से पानी रिसना शुरू हो जाता है |
एलर्जी के कारण :- एलर्जी होने का कोई भी करना हो सकता है | एलर्जी किसी भी चीज से हो सकती है जैसे ,पेड़ ,पौधे ,धूल मिटटी ,पालतू जानवर ,किसी प्रकार की एंटी बेटिक दवाई एव खाने पीने की किसी भी चीज से हो सकती है |

एलर्जी से बचाव :- सबसे पहले तो आपको ये पता लगाना है कि आपको अगर एलर्जी है तो किस चीज  है मतलब कि अगर आपको शक है कि आपको एलर्जी है तो उसका पता कैसे लगाए सबसे पहले आपको क्या करना है ,कि आपको अपनी रोज़मर्रा कि दिनचर्या के ऊपर ध्यान देना है |आप क्या खाते है क्या पीते है कहाँ जाते है |पब्लिक पैलेस का उपयोग करते है या नहीं |आप सोच रहे होंगे कि इन सब बातों का एलर्जी से क्या लेना देना | तो हम आपको बता दे कि जब आप पब्लिक पैलेस का ज्यादा उपयोग करते है तो वहां पर बहुत सारे लोगों का आना जाना लगा रहता है किसी को कोई भी बिमारी हो सकती है ऐसे मैं अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है तो बिमारी के विष्णु आपको बहुत जल्दी अपनी चपेट में ले लेंगे | आपको कुछ बातों का ध्यान रखना है |आपको ध्यान रखना है कि जब भी आप कुछ खा रहे हो, पहन रहे हो ,कोई परफ्यूम लगा रहे हो ,कोई फूल सूंघ रहे हो ,तो अगर आपको छींके आ रही है या आपके शरीर पर खुजली हो रही है और होती जा रही है और बार बार उसी चीज को छूने से या सूंघने से आपको ये दिक्क्त आ रही है तो यकीनन आपको एलर्जी है |और आपको अपना एलर्जी का टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए | और अगर एलर्जी कि पहचान सही समय पर हो गयी तो इसका इलाज संभव है

एलर्जी का इलाज :- वैसे एलर्जी से ज्यादा घबराने की जरूरत नही अगर हम सही समय पर इसकी पहचान कर ले तो वैसे बाजार मैं बहुत साडी एंटी एलर्जिक दवाइयां मौजूद है लेकिन हम आपको ये सलाह देंगे की कोई भी एंटी एलर्जिक दवाई को खाने से पहले आप डाक्टर की सलाह जरूर ले और अपना एलर्जिक टेस्ट जरूर करवाएं और खासकर इस बात का जरूर ध्यान रखे कि जिस चीज से आपको एलर्जी है आप उस चीज के पास भी मत जाये या अगर किसी दवाई को या किसी प्रकार के खाना खाने से आपको एलर्जी होती है या तबियत खराब होती है तो आप बिलकुल भी दोबार भी उसको मत खाएं क्योंकि परहेज ही दवाई है इलाज है | तो इस पोस्ट मैं इतना ही आशा करता हूँ की आपको मेरी ये पोस्ट जरूर पसंद आयी होगी | पोस्ट अच्छी लगे तो जरूर शेयर करना और हा दोस्तों कमेंट करना मत भूलना धन्यवाद |

अगर आपको हैं ये आदतें, तो तुरंत सुधार लें| नहीं तो पड़ सकते है, बड़ी मुश्किल में |


अगर आपको हैं ये आदतें, तो तुरंत सुधार लें| नहीं तो पड़ सकते है, बड़ी मुश्किल में |

नमस्कार दोस्तों आजकल के इस व्यस्त दौर में हमने अपने आप को दैनिक कार्यों में इतना व्यस्त कर दिया है कि हमे अपनी जीवन शैली को कब इतना बिगड़ दिया कि हमे पता ही नहीं चला | जिसके कारण आज हमे इतनी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है | और हमारे शरीर को कोनसा  रोग कब लग जाये और किस वजह से लग जायेगा ये भी हमे पता नहीं चलेगा | आज हम आपको इसी विषय के बारे में जानकारी देंगे कि कैसे हम अपनी दैनिक दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करके अपने जीवन को सुखदायी बना सकते हैं और आने वाली बिमारियों और परेशानियों से बच सकते है 
अच्छी नींद लेना :- देर रात तक जागना ,सोशल मिडिया में बिजी रहना ,वाट्सएप्प या फेसबुक जैसी सोशल वेबसाइट का देर रात तक इस्तेमाल करना| जिसकी वजह से हम हमारी नींद पूरी नहीं ले पाते और नींद न पूरी होने कि वजह से हम अनिंद्रा के शिकार हो जाते है | अगर हम डॉक्टर कि बात पर गौर करें तो हमे अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए 24 घंटो में से कम से कम 8 घंटे कि नींद लेना बहुत जरूरी है

जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते तब हमे अनिंद्रा ,थकान और दिल की कई बीमारियां हो सकते है और एक खास बीमारी जो आपको शायद किसी डाक्टर ने भी नहीं बताई होगी वह है चीजों को रखकर भूल जाना और जो काम अपने किया नहीं उसको भी करने का भ्रम पैदा होना | आप सोच रहे होंगे की पूरी नींद न लेने से इस बात का क्या लेना देना तो हम आपको बता दें की हम नींद क्यों लेते है दरअसल हमारा शरीर 24 घंटे में एक बार अगर हम जागना भी चाह रहे हो तो भी एक बार नींद की झपकी जरूर लेता है | इसका मुख्य कारण है हमारे दिमाग का दिन भर के किये गए सारे कार्यों को यादों में बदलकर उन्हें स्टोर करना और ये काम तब ही हो सकता जब हमारा शरीर कोई और कार्य न कर रहा हो | और जब हमारा दिमाग इस क्रिया में लगा होता है तब हमारे शरीर की सारी ऊर्जा इसी काम में लगी होती है तभी हमे गहरी नींद आती है |
सुबह का नाश्ता न करना :- ज्यादातर स्कूल और कॉलेज जाने वाले विधार्थियों और ऑफिस जाने वाले लोगों में ये आदत बहुत ज्यादा ही देखी गयी है कि वह अपना सुबह का नाश्ता ही नहीं करते और सीधा ही दोपहर का भोजन करते है |इसकी वजह से ज्यादार लोगों में मोटापे की शिकायत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है | 
हम आपको बता दें की आयुर्वेद के हिसाब से सुबह का नाश्ता सबसे ज्यादा महतव्पूर्ण होता है आप इस बात को इस तरह से भी समझ सकते है की यदि आप सुबह का नाश्ता करेंगे तो आपको छाती और आपकी भुजाएं विकसित होती है और आपका दिमाग भी सही तरिके से काम करता है और आपको कभी भी मायग्रेन ,टेंशन ,सिरदर्द ,डिप्रेशन जैसे समस्या नहीं हो सकती और दोपहर का भोजन आपके पेट को बढ़ावा देता है आपके पेट के विकास के लिए जरूरी है और रात का भोजन आपके कूल्हे के लिए | उदाहरण के तोर पर हम आपको समझाते है यदि आप सुबह का नाश्ता कम करते है तो आप की छाती का विकास नहीं होगा और अगर अपने दोपहर को भोजन ज्यादा किया तो आपको मोटापा हो सकता है | 
ऊपर दिखाई गयी इमेज मैं आपको समाज आ गया होगा की यदि आप सुबह का नाश्ता कम,दोपहर को ज्यादा और रात को सबसे ज्यादा करते है तो आपका शरीर इमेज में दिखाए गए पहले मोठे व्यक्ति की तरह हो जायेगा और अगर आप सुबह का नाश्ता  8:4:2 के क्रम मैं करते है मतलब सुबह सबसे ज्यादा, दोपहर को सुबह से आधा और रात को दोपहर से आधा करते है तो आपका शरीर इमेज मैं दिखाए गए दूसरे व्यक्ति की तरह हो जायेगा | 
बाहरी खाना (फ़ास्ट फ़ूड ):- आज के जमाने में हमारी सबसे ज्यादा खराब आदत हो गई है हमारा बाहरी खाने की तरफ बढ़ता रुझान आज हम घर का पौष्टिक खाना छोड़कर जंक फ़ूड ,फ़ास्ट फ़ूड ,पिज़्ज़ा ,बर्गर ,सेंडविच जैसा फ़ूड खाने में लगे है
और इस तरह के खाने मैं सिर्फ कैलोरी ही होती है जो मोटापा और मदुमेह जैसे रोगों का कारक है बहुत सारे फ़ास्ट फ़ूड में स्वाद को बढ़ाने के लिए मोनोसोडियम ग्लूटामेट जैसे पदार्थों का ज्यादा उपयोग किया जाता है | और सोडियम की अधिक मात्रा शरीर को हानि पहुंचा सकती है |
इस आर्टिकल में बस इतना ही आशा करता हूँ आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया है तो कृपया दोस्तों इसको अधिक से अधिक लोगों को शेयर जरूर करें और कमेंट करना न भूले  धन्यवाद 

अगर ये आता है, आपके घर | तो समझ लो आप पड़ गए है,बड़ी मुसीबत में| बचना है मुश्किल |


अगर ये आता है, आपके घर | तो समझ लो आप पड़ गए है,बड़ी मुसीबत में| बचना है मुश्किल |

मादा एनोफेलीज इस नाम से कौन वाकिफ नहीं है | नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से आपका न्यूज़ डॉग मैं स्वागत है | दोस्तों इस न्यूज़ में, मैं आपको जिसके बारे में बात कर रहा हूँ ,वो कोई इंसान ,कोई लड़की या औरत नहीं, नाहीं वह कोई जानवर है | दोस्तों यह एक ऐसा जीव है जिसकी प्रजाति लगभग पुरे भारत में हर जगह पाई जाती है | जी हाँ दोस्तों मैं बात कर रहा हूँ | मादा एनोफेलीज नाम के मच्छर की जिसको मलेरिया नाम की बीमारी का कारक माना जाता है |
मादा एनोफेलीज के आलावा, मादा एडीज नाम कि मच्छर की एक और प्रजाति भी है| जो डेंगू और चिकनगुनिया नाम कि खतरनाक बीमारी की कारक है |

ये समय होता है सबसे खतरनाक :- वैसे तो मच्छर सारा साल ही अपना प्रकोप बनाये रखते है |लेकिनबारिश और उसके बाद के  महीने का मौसम इनके फलने फूलने का होता है |ऐसे मौसम में इन मच्छरों की संख्या सबसे ज्यादा वृद्धि होती है |

ये रोग है सबसे खतरनाक :- मच्छर के काटने से होने वाले भयानक रोगों में से डेंगू,मलेरिया,चिकनगुनिया ये तीनो सबसे ज्यादा खतरनाक है |डेंगू और चिकनगुनिया जे दोनों रोग मादा एडीज नमक मच्छर की प्रजाति द्वारा काटे जाने से फैलते हैं | जबकि मलेरिया रोग मादा एनोफेलीज के काटने से फैलता है |

क्या है लक्षण :- तीनो बिमारियों के लक्षण लगभग समान्य ही होते है | इनमे समान्य बुखार,कपकपी होने के साथ साथ, डेंगू के मरीज को तेज बुखार और हड्डियों में दर्द ,कमजोरी के साथ-साथ त्वच में लाल-गुलाभी दाने होने लगते है | जबकि चिकनगुनीया का मुख्य लक्षण जोड़ों में दर्द होता है| और इसका बुखार 10 से 12 दिन तक रहता है | लेकिन इससे उभरने में रोगी को महीनो लग जाते है |
क्या है कारण :- मच्छर के फैलने का सबसे बड़ा कारण है| आपके घर या आस पास सफाई का न होना ,घर मैं किसी गमले या पुराने कबाड़ में पानी का जमा होना ,कूलर के अंदर भी पानी के साफ न होने से मच्छर पैदा हो सकता है | आपके बहार अगर गंदगी का ढेर है, तो वो भी डेंगू,चिकनगुनिया,मलेरिया जैसी बिमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है |मलेरिया का मच्छर ज्यादातर गंदे पानी में पनपता है | ये मच्छर सिर्फ रात को काटता है | जबकि इसके उल्ट डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है |और ये दिन में काटता है |
कैसे करें बचाव :-डेंगू,मलेरिया,चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने का सिर्फ एक ही उपाय है| कि आप अपनी घर को साफ सुथरा रखें | घर में किसी भी जगह पर पानी इकठा न होने दे दिन में पुरे बाजु कि कमीज डालें ,क्योंकि डेंगू के मच्छर दिन मैं ही काटते है ,घर में मच्छरदानी जरूर रखें और उसी का ही उपयोग कर्रें |घर में मच्छर को भगाने वाली कोइल का इस्तेमाल कर्रें | अगर घर में डेंगू का मरीज हसि या मलेरिया का मरीज है तो इस बात का ध्यान रखें कि उसको कोई और मच्छर न कटे क्योंकि अगर मच्छर उस रोगी को काटने के बाद यदि किसी  स्वस्थ व्यक्ति को काटताहै तो उसे भी व्ही रोग हो सकता है |
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अगर ये आता है, आपके घर | तो समझ लो आप पड़ गए है,बड़ी मुसीबत में| बचना है मुश्किल |


अगर ये आता है, आपके घर | तो समझ लो आप पड़ गए है,बड़ी मुसीबत में| बचना है मुश्किल |

मादा एनोफेलीज इस नाम से कौन वाकिफ नहीं है | नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से आपका न्यूज़ डॉग मैं स्वागत है | दोस्तों इस न्यूज़ में, मैं आपको जिसके बारे में बात कर रहा हूँ ,वो कोई इंसान ,कोई लड़की या औरत नहीं, नाहीं वह कोई जानवर है | दोस्तों यह एक ऐसा जीव है जिसकी प्रजाति लगभग पुरे भारत में हर जगह पाई जाती है | जी हाँ दोस्तों मैं बात कर रहा हूँ | मादा एनोफेलीज नाम के मच्छर की जिसको मलेरिया नाम की बीमारी का कारक माना जाता है |
मादा एनोफेलीज के आलावा, मादा एडीज नाम कि मच्छर की एक और प्रजाति भी है| जो डेंगू और चिकनगुनिया नाम कि खतरनाक बीमारी की कारक है |

ये समय होता है सबसे खतरनाक :- वैसे तो मच्छर सारा साल ही अपना प्रकोप बनाये रखते है |लेकिनबारिश और उसके बाद के  महीने का मौसम इनके फलने फूलने का होता है |ऐसे मौसम में इन मच्छरों की संख्या सबसे ज्यादा वृद्धि होती है |

ये रोग है सबसे खतरनाक :- मच्छर के काटने से होने वाले भयानक रोगों में से डेंगू,मलेरिया,चिकनगुनिया ये तीनो सबसे ज्यादा खतरनाक है |डेंगू और चिकनगुनिया जे दोनों रोग मादा एडीज नमक मच्छर की प्रजाति द्वारा काटे जाने से फैलते हैं | जबकि मलेरिया रोग मादा एनोफेलीज के काटने से फैलता है |

क्या है लक्षण :- तीनो बिमारियों के लक्षण लगभग समान्य ही होते है | इनमे समान्य बुखार,कपकपी होने के साथ साथ, डेंगू के मरीज को तेज बुखार और हड्डियों में दर्द ,कमजोरी के साथ-साथ त्वच में लाल-गुलाभी दाने होने लगते है | जबकि चिकनगुनीया का मुख्य लक्षण जोड़ों में दर्द होता है| और इसका बुखार 10 से 12 दिन तक रहता है | लेकिन इससे उभरने में रोगी को महीनो लग जाते है |
क्या है कारण :- मच्छर के फैलने का सबसे बड़ा कारण है| आपके घर या आस पास सफाई का न होना ,घर मैं किसी गमले या पुराने कबाड़ में पानी का जमा होना ,कूलर के अंदर भी पानी के साफ न होने से मच्छर पैदा हो सकता है | आपके बहार अगर गंदगी का ढेर है, तो वो भी डेंगू,चिकनगुनिया,मलेरिया जैसी बिमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है |मलेरिया का मच्छर ज्यादातर गंदे पानी में पनपता है | ये मच्छर सिर्फ रात को काटता है | जबकि इसके उल्ट डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है |और ये दिन में काटता है |
कैसे करें बचाव :-डेंगू,मलेरिया,चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने का सिर्फ एक ही उपाय है| कि आप अपनी घर को साफ सुथरा रखें | घर में किसी भी जगह पर पानी इकठा न होने दे दिन में पुरे बाजु कि कमीज डालें ,क्योंकि डेंगू के मच्छर दिन मैं ही काटते है ,घर में मच्छरदानी जरूर रखें और उसी का ही उपयोग कर्रें |घर में मच्छर को भगाने वाली कोइल का इस्तेमाल कर्रें | अगर घर में डेंगू का मरीज हसि या मलेरिया का मरीज है तो इस बात का ध्यान रखें कि उसको कोई और मच्छर न कटे क्योंकि अगर मच्छर उस रोगी को काटने के बाद यदि किसी  स्वस्थ व्यक्ति को काटताहै तो उसे भी व्ही रोग हो सकता है |
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अगर ये है| आपके शरीर में,तो तुरंत करवाएं जाँच| हो सकती है हड्डियां कमजोर |


अगर ये है| आपके शरीर में,तो तुरंत करवाएं जाँच| हो सकती है हड्डियां कमजोर |

नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से आपका न्यूज़ डॉग की इस न्यूज़ में स्वागत है | दोस्तों आप जानते होंगे की ज्यादातर मोटापा हमे, एक आम बीमारी लगता है | लेकिन सावधान दोस्तों एक आम बीमारी दिखने वाला मोटापा कब आप के लिए मुसीबत बन जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा | इस आर्टिकल में, मैं आपको मोटापे से होने वाली समस्याओं को विस्तार से बताऊंगा |

दोस्तों आप जानते ही होंगे ,कि जब हमारे शरीर में बेकार चर्बी कि मात्रा हद से ज्यादा बढ़ जाती है| तो वो मोटापे की शकल ले लेती है | मोटापा जब हद से ज्यादा बढ़ जाता है| तो वह हृदय से जुडी बिमारियों के आलावा मदुमेह,अस्थमा,अनिंद्रा , जोड़ों में दर्द का भी कारण बनता है |वैसे तो शरीर के अंदर बनने वाली गुड कोलेस्ट्रॉल (अच्छी चर्बी ) हमारे शरीर में हमारी हड्डियों की सुरक्षा करती है लेकिन जब हमारे शरीर में बेकार चर्बी बनने लगती है| तब वह हमारे शरीर की हड्डियों को सुरक्षा देने की जगह उनको कमजोर करने लगती है |
अब आप सोच रहे होंगे की ये बैड कोलेस्ट्रॉल (बेकार चर्बी ),गुड कोलेस्ट्रॉल (अच्छी चर्बी )क्या होती हैं |तो मैं साधारण भाषा में आपको समझता हूँ | जब हम साधारण और पौष्टिक खाना खाते हैं| तब वो हमारे शरीर के अंदर जाकर अच्छे   से पच जाता है | जब खाना अच्छे से पच जाता है, तब उसके जरिये हमारे शरीर में खून,चर्बी,औरअन्य तत्व बनते है |जो हमारे शरीर का विकास करते है | लेकिन इसके उल्ट जब हम बहरी खाना जैसे बर्गर,पिज़्ज़ा,फ़ास्ट फ़ूड खाते है,तब हमारा शरीर उसको नहीं पचाता और एक सबसे बड़ी गलती जो हम में से ज्यादातर लोग कर देते है| वो है खाना खाने के बाद साथ के साथ ही पानी पी लेना| ये हमारे द्वारा की गयी सबसे बड़ी गलती होती है | जिसके ऊपर हमारा कभी भी ध्यान नहीं जाता | इसकी वजह से हमारे शरीर में खाना पचने की जगह सड़ना शुरू हो जाता है |जिसकी वजह से हमारे शरीर में बेकार चर्बी का निर्माण होता है |और कई प्रकार के विषैले तत्व भी बनने शुरू हो जाते है | जो हमारे शरीर में मदुमेह,हृदय रोग,अस्थमा जैसी बिमारियों का कारण बनते है | जब इन विषैले तत्वों की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब ये हमारे शरीर की हड्डियों ,आंतो,हृदय,जोड़ों की चिकनाई ,हमारे खून को भी नुक्सान पहुंचते है |
कैसे करें बचाव :- मोटापे से बचने के लिए आपको कुछ ही बातों का ध्यान रखना होगा | अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको मोटापे से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जायेगा | सबसे पहले तो आपको इस बात का ध्यान रखना है की आप हमेशा पौष्टिक आहार जैसे हरी सब्जी ,दूध ,फल ही लें |और जहां तक हो सके आप बाहरी खाना जैसे बर्गर ,नूडल ,पिज़्ज़ा ,फ़ास्ट फ़ूड आदि कम खाएं या हो सके तो बिलकुल भी मत खाएं | दूसरा आप जब भी खाना खाएं ,खाना खाने से पहले एक घंटे पहले एक गिलास पानी जरूर पी लें | और जब ज्यादा जरूरी हो तो खाना खाते समय कम पानी मतलब एक घुट पानी ही पिए| वो भी जब आपको जरूरत महसूस हो अन्यथा आप खाना खाते समय पानी न पियें | ऐसा करने के पीछे एक कारण है |दरअसल जब हम खाना खाते है| तब हमारे शरीर में हमारा लिवर जिसको आम भाषा में जठर भी कह देते है | उसमे पाचन क्रिया चल रही होती है| अगर हम पानी पीते है तो वो पाचन क्रिया मदम पड़ जाती है | जिसकी वजह से हमारा खाना ठीक से पच नहीं पाता और वो सड़ने लगता है और जब कोई चीज सड़ती है तो आप जानते है| की वो हमारे लिए लबदायक तो हो नहीं सकती | इसकी वजह से हमारे शरीर में खराब चर्बी बनती है| जो कई तरह की बिमारियों का कारण बनती है| जिनमे हृदय रोग ,मदुमेह ,यूरिक एसिड ,ब्लड यूरिया ,मोटापा ,कब्ज ,अनिद्रा जैसी अनेक बीमारिया होती है |
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साईकिल चलाने से ये भी हो सकता है,ये सुनकर आप भी चौंक जायेंगे|


साईकिल चलाने से ये भी हो सकता है,ये सुनकर आप भी चौंक जायेंगे|

नमस्कार दोस्तों एक बार  फिर से आपका न्यूज़ डॉग में स्वागत है | दोस्तों आजकल  की इस भागदौड़ वाली दिनचर्या में हम लोग इतने व्यस्त होते जा रहे हैं | कि हम अपनी सेहत का जरा भी ख्याल नहीं रखते ,और जाने अनजाने हम हर रोज अपने शरीर को कमजोर करते जा रहे है| जिसके परिणाम इतने गंभीर होते है| कि जब तक हम अपने शरीर कि स्थिति को समझ पाएं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है | लेकिन अगर हम अपनी व्यस्त दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करेंऔर कुछ समय अपने शरीर के लिए निकाल दें, तो हम काफी लम्बे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते है |

साइकिलिंग  (साइकल चलाना ) :- साइकिलिंग एक ऐसा सरल व्यायाम है,जिसको हर उम्र का व्यक्ति बड़े आराम से कर सकता है | ये वो व्यायाम है जो बिना किसी जोखिम और खर्च के आपको लम्बे समय तक फिट रख सकता है |अगर हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो इस व्यायाम के बहुत सारे लाभ हैं | इसलिए जो फिटनेस विशेषज्ञ होते है वो आपको सबसे पहले साइकिलिंग करने की ही सलाह देंगे |

साईकिल चलाने के फायदे :-अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों द्वारा की गयी एक लम्बी रिसर्च के बाद ये पाया गया जो लोग रोज 45 से 60 मिनट तक साईकिल चलाते है | वो अन्य लोगो कि तुलना में ज्यादा हेल्दी और फिट रहते है | और वो लोग मानसिक तनाव से भी मुक्त होते है| क्योंकि जब हम साईकिल चलाते हैं | तब साईकिल चलाते समय हमारे शरीर कि सारी मासपेशियां काम करती हैं | जिससे शरीर कि कैलोरी बर्न होती है| और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है | साईकिल चलने वाले लोगों को दिल की बीमारी ,मोटापा,मदुमेह जैसी भयंकर बीमारियां होने कि संभावना अन्य लोगों कि तुलना में कम होती है |

साइकिलिंग का सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर पड़ता है |साइकिलिंग करने से जब हमारे शरीर में रक्त का संचार समान्य होने लगता है | तो इससे हमारे मस्तिष्क में भी शुद रक्त का संचार होने लगता है | जिससे ह्मारा दिमाग अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा काम करता है | और हमारी स्मरण शक्ति मैं भी अदभुत वृद्धि होती है | साइकिलिंग से ह्मारा दिल भी मजबूत होता है | और हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति में भी वृदि होती है |अगर हम अपने बच्चो को साईकिल चलाने को प्रोत्साहित करें तो आने वाले समय में ये उनके लिए अच्छा होगा क्योंकि साइकिलिंग से एकाग्रता में वृद्धि होती है | जिससे वह पढ़ाई में अच्छा परफॉर्म कर सकते हैं |
इस आर्टिकल में बस इतना ही आशा करता हूँ की आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको मेरा ये आर्टिकल पसंद आया है तो कृपया इस पोस्ट को शेयर जरूर करें और हमे फॉलो करना मत भूलें और एक बात का जरूर ध्यान रखें हमे कमेंट जरूर करें |

अगर आप भी जीवन में खुश रहना चाहते हैं| तो इन चीजों के बारे में जरूर जान लें|


अगर आप भी जीवन में खुश रहना चाहते हैं| तो इन चीजों के बारे में जरूर जान लें|

नमस्कार दोस्तों एक बार फिर से न्यूज़ डॉग में आपका स्वागत है |दोस्तों आजकल के इस व्यस्त जीवन में हमसे कई बार ऐसी गलतियां हो जाती है | जिसका हमे सारी जिंदगी पछतावा रहता है |और जब हम इन्ही बातों को याद करते रहते है | तब हम इतने मानसिक तनाव में रहते है | कि हमारे व्यवहार में भी रूखापन आने लगता है जिसकी वजह से हमारे सम्बंदी ,रिश्तेदार,दोस्त,यहां तक की हमारे परिवार के सदस्य भी हमसे दूरी बनाने लगते है | जिसके कारण हम डिप्रेशन का शिकार हो जाते है| तो आप समाज ही गए होंगे की मैं आज किस विषय के बारे में विचार करने वाला हूँ | मैं आपको उन छोटी - छोटी बातो के बारे व् बताने जा रहा हूँ| जिनके बारे में अगर आप सोच लें तो आपका जीवन खुशियों से भर जायेगा |

अपनी कड़वी यादों को भूलना :- इंसान के दुखी होने का सबसे बड़ा कारण है,अपने बीत चुके कड़वे पलों को बार बार याद करना | एक अध्ययन से पता चला है कि बीते हुए कड़वे पलों को बार-बार याद करने से व्यक्ति के काम करने की शक्ति के ऊपर प्रभाव पड़ता है | और वह अन्य लोगों कि तुलना में ज्यादा गलत डिसीजन लेता है |
जब इंसान गलत डिसीजन ले लेता है, तब वह बाद में और दुखी होता है | और पछताता है जिसकी वजह से वो डिप्रेसन में चला जाता है | ऐसे व्यक्ति को ठीक करने के लिए डाक्टर भी उसको डिप्रेशन की दवाई देता| जिसका सिर्फ एक ही काम होता है | व्यक्ति की स्मरण शक्ति को कमजोर करके उसको बीती बातो को भूलने में मदद करना | और ऐसा करने से व्येक्ति की यादाश्त भी कमजोर हो जाती है |

कठिनाइओं का मुकाबला करें :- कठिनाइयां हर इंसान की जिंदगी का एक अभिन्न अंग होती है| अगर अगर हमारे जीवन में कठिनाई न हो तो, हम कुछ भी नहीं सोच सकते न ही कोई खोज कर सकते |आज जो इंसान ते इतनी तरक्की की है वो सब कठिनाइयों की वजह से ही की है |क्योंकि जब आपकीसामने कोई कठिनाई आएगी तभी आप सोचेंगे ,और जब आप उस कठिनाई को दूर करने की सोचेंगे तभी उसका हल निकलेगा | और जब एक के बाद एक कठिनाई इंसान के सामने आती है | और इंसान उसका हल ढूंढ़ता रहता है | इसी चक्र में मानवता का इतना विकास हो गया है | इंसान ने इतनी तरक्की कर ली  है| आज वो मंगल ग्रह पर पहुंच चूका है | क्योंकि इंसान अपनी जिंदगी के मार्ग पर चलता रहता है | और इस जिंदगी रूपी मार्ग में कठिनाई रूपी गड्ढे भी आते है |अगर इंसान इन कठिनाई रूपी गड्ढों को देखकर आगे नही बढ़ेगा तो उनका विकास कैसे होगा| वो आगे कैसे बढ़ेगा| इसलिए अपने जीवन में आने वाली कठिनाईओ से दूर भागने की जगह उनका मुकाबला करना चाहिए |

हमेश अच्छा सोचें और महसूस करें :- आप सोच रहे होंगे की सिर्फ अच्छा सोचने से या महसूस करने से हमारे जीवन में ऐसा क्या परिवर्तन आएगा | तो मैं आपको बता दू की एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक इंसान को दिन में 60 हजार के करीब विचार आते हैं | आप सोच रहे होंगे की इन विचारों का हमारे सुखी जीवन  के साथ क्या लेना देना तो मैं आपको बता दू की जब हम सोचते है अच्छा या बुरा हूँ अपने मस्तिष्क की तरंगों को वातावरण में छोड़ रहे होते है | ये तरंगे बिलकुल मोबाइल की तरंगों की तरह ही काम करती हैं | जैसे किसी को किये गए कॉल का हमे जवाब मिलता है ठीक उसी तरह,जब हम कुछ अच्छा या बुरा सोचते है या महसूस करते है | तब प्रकृति किसी मोबाइल टावर की तरह काम करती है | आपने जिसको कॉल किया है| उसी का जवाब मिलता है | साधारण भाषा में कहें तो,यदि आप अपने लिए अच्छा सोच रहे है | अच्छा महसूस कर रहे हैं तो वह कल आपका भविष्य बनेगा |इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है| लेकिन अगर आप रोज ये ही सोचकर उठें की आज कुछ अच्छा करना है,या अच्छा होगा| चाहे कितनी भी कठिनाई हो आपको बस इस बात का ध्यान रखना है | कि आपको अपना मूड खराब नहीं होने देना है | अगर किसी कारण आपका मूड खराब होने लगे तो आप उसको सुधारें क्योंकि जब इंसान का मूड खराब होता है| तब वह खुद के लिए तो मुसीबत खड़ी करता ही है| वो दूसरों का भी मूड खराब कर देता है| और जब बात ज्यादा बढ़ जाती है तब रिश्तों में भी दरार पड़ जाती है|
अपने काम को कभी भी अधूरा मत छोड़ो :- "कल करे सो आज कर,आज करे सो अब" ये कहावत तो अपने सुनी होगी लेकिन हम में से कुछ  ही लोग इस बात पर अमल करते है | अगर हम अपना कम समय पर पूरा कर दें, तो हमारा जीवन भी खुशियों से भर जायेगा लेकिन हमे एक ऐसी आदत पड़ी हुई है| कि हम कभी भी अपना काम समय से पूरा नहीं करते | जिसकी वजह से हमारा हर काम अधूरा रह जाता है | और जब तक हम पूरा करने कि कोशिश करते है | तब तक बहुत देर हो चुकी होती है | इसलिए हमे अपने जीवन में कुछ नियमो का पालन करना चाहिए | जल्दी उठना,जल्दी सोना,हर काम समय पर करना,दूसरों के प्रति अपना व्यवहार ठीक रखना,समाजिक कार्यों में भाग लेना अपने बच्चौं को समाजिक कार्य करने कि प्रेरणा देना,अपने परिवार के सदस्यों के साथ वैसा ही व्यवहार करना जैसे व्यवहार की आप उनसे उम्मीद रखते है| और भी बहुत खुश है लिखने के लिए लेकिन ये आर्टिकल बहुत लम्बा हो जायेगा इस लिए इसे यही समापत करते है |
आशा है कि आपको मेरा ये आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा | आप अपना कमेंट करके अपने विचार दे सकते है|आप हमे फोलोव भी कर सकते है| हमारा ये पोस्ट पड़ने का धन्यवाद