डेंगू के बारे में इन तीन बातों को जरूर जान लें | नहीं तो बाद में पछताएंगे|
नमस्कार दोस्तों न्यूज़ डॉग में आपका फिर से स्वागत है | दोस्तों पिछली पोस्ट में मैने आपको मादा एडीज मच्छर के बारे में बताया था| कि कैसे इस मच्छर के काटने से डेंगू और चिकनगुनिया जैसीबीमारिया फैलती है| आज इसी कड़ी में मैं आपको बताऊँगा कि अगर आपको डेंगू हो जाता है| तो उसके बारे में कैसे पता लगाएं| और उसका उपचार कैसे करे |और कौन-कौन सी सावधानिया बरतें| जिससे कि ये रोग जल्द दूर हो और आप फिर से एक स्वस्थ जीवन जी सकें |
तुरंत करवाएं जाँच :- कुछ लोग डेंगू के बुखार को एक आम बुखार समझ लेते है | और उसको इग्नोर कर देते है | और वो कमिस्ट से आम बुखार की दवाई ले लेते है | जससे कुछ देर के लिए बुखार उतर जाता है | लेकिन जब उस दवाई का असर कम होता है | तब वयक्ति को दोबारा बुखार चढ़ जाता है | अगर आप को बार-बार बुखार चढ़ रहा है | तो आपको तुरंत डाक्टर के पास जाकर अपना डेंगू के बुखार का चेकअप करवाना चाहिए |चेकअप के दौरान वह आपके खून में प्लेटलेट्स काउंट करेगा| वैसे एक स्वस्थ वयक्ति के खून में प्लेटलेट्स काउंट की संख्या 150000 से लेकर 450000 के बीच में होती है | अगर इनको संख्या 150000 से कम हुई तो बाद में डाक्टर आपके खून का एक और चेकअप करेगा जिसको टोटल लुकोकीट्स काउंट कहते है | एक स्वस्थ वयक्ति के खून में इनकी संख्या 4000 से 11000 के बीच में होती है अगर इनकी संख्या 4000 से कम हुई तो यकीनन ये डेंगू का बुखार हो सकता है |
क्या है लक्षण :- डेंगू की शुरुआत भी एक आम बुखार की तरह ही होती है| लेकिन जैसे-जैसे डेंगू का वायरस हमारे शरीर में फैलता रहता है | हमारे शरीर का बुखार भी वैसे-वैसे तेज होता रहता है |और हमारे शरीर का तापमान 100 से 104 डिग्री तक पहुंच जाता है | इसका दूसरा लक्षण ये है| कि जैसे -जैसे डेंगू का बुखार बढ़ता रहता है| वैसे-वैसे डेंगू के मरीज को ठण्ड लगनी शुरू हो जाती है | और ठण्ड बढ़ती ही जाती है |तीसरा लक्षण ये है कि डेंगू के मरीज के शरीर में लाल दाने निकल आते है | और उसके सिर में भयंकर दर्द होना शुरू हो जाता है |और चकर आने के साथ-साथ शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी आ जाती है |
भूलकर भी ये गलती मत करें :- कुछ लोगों में ये कमी होती है| कि वो बिना किसी जाँच के घर में ही बुखार उतारने के तरीके अपनाते रहते है | बिना ये जाने कि व्यक्ति को होने वाला बुखार कौन सा है| वो बिना जाँच के ही कमिस्ट से साधारण बुखार कि दवाई लेकर मरीज को दे देते हैं | उनके द्वारा कि गयी ये गलती मरीज को सबसे भारी पड़ती है | क्योंकि साधारण बुखार में दी जाने वाली एंटीबेटिक दवाई शरीर के प्लेटलेट काउंट को कम करती है | डेंगू का वायरस भी ये ही करता है| वो प्लेटलेट काउंट को कम करता है | ऐसे में मरीज कि हालत और खराब हो जाती है | इसलिए बिना जांच करवाए कभी भी खुद डाक्टर बनने की कोशिश मत करे |
कैसे करें उपचार :- डेंगू होने की स्थिति में मरीज को तुरत डाक्टर के पास ले जाएँ और डॉक्टर के पास ही इसका इलाज करवाए |इसके इलावा कुछ ऐसी चीजे भी है| जिनके जरिये आप डेंगू के मरीज की बिगड़ती हुई हालत हो सुधर सकते है | चलिए बताते है |
ग्लो वेल ये एक नार्मल वेल होती है ये आपको कहीं पर भी लगी मिल जाएगी |नहीं तो इस वेल की टेबलेट भी आपको पंसारी या मेडिकल स्टोर से मिल जाएगी| वो आप मरीज को दे दें,उसकी हालत में सुधर होना शुरू हो जायेगा | और मरीज के प्लेटलेट बढ़ने शुरू हो जायेंगे |
पपीते के पत्ते का रस भी डेंगू के मरीज के लिए राम बाण के समान है |पपीते के पत्तों को पीस कर उनका रस निकालकर आप डेंगू के मरीज को पीला दो बहुत जल्द ही इसका असर मरीज के ऊपर होने लगेगा और उसके शरीर में ताकत आनी शुरू हो जाएगी |
कीवी का फल भी डेंगू के मरीज के लिए किसी अमृत से कम नहीं | ये फल भी पपीते की तरह डेंगू के मरीज के खून की प्लेटलेट काउंट्स को बढ़ाने में मदद करता है |इस फल को आप दैनिक खान पान में भी इस्तेमाल कर सकते है |
इस पोस्ट में बस इतना ही,अगर इस पोस्ट से सम्बंदित आपके पास कोई विचार हो तो हमसे जरूर साँझा करें | अगर ये पोस्ट आपको अच्छी लगे तो कृपय हमे कमेंट जरूर करे |हमे फोलोव करना न भूलें | और अन्य लोगों को शेयर करना भी मत भूले | आपका धनयवाद






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